Monday, April 4, 2011

साथ

एक लम्बी सी रात में, तारों की बात हो,
कुछ और हो ना हो, बस तुम मेरे साथ हो,
खामोशी की दास्ताँ सुनेंगे हम,
अनकही हर बात कहेंगे हम,
हौसला तुमने जो दिया मेरे हमसफ़र,
उस चाँद को भी ज़मीन पे लायेंगे हम!

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