Monday, April 4, 2011

सपने

आओ एक चाँद तोड़ के लाते हैं,
दोनों मिलके साथ, कुछ सपने सजाते हैं,
तुम मेरी बांह में कुछ तारे भरना,
और मेरे सामने कुछ ग़ज़लें पढ़ना,
मुझे कुछ और यादें बनानी हैं,
तुम सीर्फ अपनी ख्वाहिशें कहना,
मेरी ज़िन्दगी को मायने मिल जायेंगे,
यकीं मानो सारे सपने सच हो जायेंगे!!

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