Thursday, August 4, 2011

उस पार ले चलो!

मेरी मुश्किलों बस  कम कर दो,
मेरी उलझनों को बेरंग कर दो,
थामो हाथ मेरा, उस पार ले चलो,
दुनियाँ ने गम दिए बहुत हैं,
दुनियाँ के गम सहे बहुत हैं,
अब इन ग़मों को बेअसर कर दो
थामो हाथ मेरा, उस पार ले चलो!

2 comments:

  1. भावों का सुन्दर प्रवाह है आपकी इस प्रस्तुति में.

    दुनियाँ ने गम दिए बहुत हैं,
    दुनियाँ के गम सहे बहुत हैं,
    अब इन ग़मों को बेअसर कर दो
    थामो हाथ मेरा, उस पार ले चलो

    दिल को छूती है आपकी यह अभिव्यक्ति.

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