Friday, October 12, 2012

बहुत नादां है मेरा दिल

बहुत ख़ूबसूरत है वो एहसास
के जिसके होने मात्र से
मैं खुशबुओं में भीग जाती हूँ,

बहुत दिलकश है वो मुस्कान
के जिसके दिखने मात्र से
मेरे दिल को पंख लग जाते हैं, मैं उड़ने लगती हूँ,
 
बहुत मासूम है उसकी नज़रें 
के जिसकी मासूमियत आज भी छू जाती है रूह मेरा,
 
बहुत कीमती है वो एक शख्स
के जिसका होना मात्र इस दुनिया में 
मुक़म्मल करता है मेरी शक्सियत को,
 
बहुत नादां है मेरा दिल
के जिसने आज भी उम्मीदों का दामन थाम रखा है!

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