Tuesday, December 25, 2012

दर्द की वजह

क्यूँ हर बार लोग जानना चाहते हैं एक नयी वजह, दर्द होने की?
जब भी कोई पूछता है, के क्या हुआ और बताओ उन्हें दर्द और आंसुओं की वजह,
तो देते हैं सब सहानुभूति,
और भूल जाते हैं सबकुछ बहुत जल्द,
फिर उदास चेहरा देखकर अगले दिन पूछते हैं,
क्या हुआ?
इस ‘क्या हुआ’ के प्रश्न से होती है मुझको नफरत,
क्या ये ज़रूरी है के हर बार दर्द की वजह एक नया और ताजा ज़ख्म हो??

2 comments:


  1. दिनांक 30/12/2012 को आपकी यह पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपकी प्रतिक्रिया का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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