Monday, April 1, 2013

प्यार कभी मरता नहीं!!

“प्यार कभी मरता नहीं...
मरते हैं हम...”
हाँ ये पंक्तियाँ कई बार सुनी है...
पर जो पाया वो था ठीक विपरीत...
 
एक ही राह से गुजरते रहे,
हर सुबह एक ही सूरज की रौशनी पड़ती रही हमारे चेहरों पर,
हर शाम एक ही चाँद की शीतल छाया हमदोनो को छू कर गुजरती रही,
चलते फिरते कई बार देखा भी एक दूसरे को,
बातें भी की, हाल भी पूछा,
सबकुछ तो रहा, फिर भी जाने क्यूँ ,
हमारे बीच बची थी तो सिर्फ यादें,
यादें! जो जाने कब का दम तोड़ चुकी थी,
यादें.....जिनकी लाश अब भी ढोएँ जा रहे थे हमदोनो,

****
खुद को दर्द की सजा सुनाई है हर बार,
जब जब दुआओं में तेरे लिए ख़ुशी
और अपने लिए तेरी सारी बलाएं मांगी हैं मैंने.......
तुझको अपना हाथ छुड़ाकर जाते देखा है हर बार,
जब जब तेरे रास्ते के कांटे हटाने की कोशिश की मैंने,
तुझको मुस्कुराकर सजा सुनाते पाया है हर बार,
जब जब तेरी खुशियों की खातिर..
खामोशी को अपना साथी बनाया है मैंने,
****

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