Saturday, April 6, 2013

मेरी एक और दुनिया है............

मैंने एक बात छुपायी है तुमसे,
आज कहती हूँ,
मेरी एक और दुनिया है,
जहां रहते हैं हमदोनो साथ,
हर रात तुम ऊँगली फेरते हो मेरे बालों में,
हर सुबह उठकर सबसे पहले मैं देखती हूँ तुम्हारे चाँद से चेहरे को,
और कहती हूँ ‘मेरे ‘जी’ उठिए अब, सुबह हो गयी,
तुम कहते हो, बस कुछ देर और..........
मैं जाने को होती हूँ तो तुम झट से थाम लेते हो हाथ मेरा,
रोक लेते हो...कहते हो बस कुछ देर और यूँही बैठी रहो मेरे पास,
सुबह तुम्हारे दफ्तर जाने के बाद मैं मुन्ने के साथ दिल बहलाती हूँ,
उसने हमारे प्यार को साकार कर दिया,
उसका नाम हमदोनो ने मिलकर रखा है, ‘साकार’
उसके बाल ठीक तुम जैसे हैं,
वो सांवला सा चेहरा और ज़िन्दगी सी आँखें,
सुबह से शाम हमदोनो करते हैं तुम्हारे लौट आने का इंतज़ार
हर शाम तुम्हारे लौट आने से मेरे मन में दिवाली की सी खुशियाँ होती हैं,
हर सुबह मेरी सिन्दूरी, हर मौसम फागुन सा है....
मेरी एक और दुनिया है............

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