Thursday, November 14, 2013

अधूरे रंग

अधखुली सी आँख में हम अधजगे से फिरते हैं,
कुछ अधूरे रंग के हम खाब बुना करते हैं......

1 comment:

  1. berang si hai ye zindagi, koi rang inme bhar.........

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