Thursday, December 19, 2013

चंद अशआर



“मेरे दिल में प्यार है, दर्द है, या है कोई शिकायत,
जाने क्यूँ अब तुमसे कुछ कहना का दिल करता नहीं..”

“एक खामोश तस्वीर हूँ मैं, या हूँ कोई पहेली,
आइना तू ही मेरे दिल का हाल मेरे सामने रख जरा..”



“चौंकने की अब कोई वजह नहीं मिलती,
मेरे ख्वाब शायद अब मुझसे उकता गए हैं...” 

"कैसी अजीब सी दुनिया है, कोई भी सपना नहीं,
हर शख्स यूँ अपना सा है, पर कोई भी अपना नहीं.
.."

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