Saturday, June 28, 2014

एक बार फिर ...........

एक बार फिर थाम लो मेरी बाहें और ले चलो मुझे टेरेस पर कि देखेंगे हम साथ सावन की रिमझिम फुहारों को,

एक बार फिर थाम लो मुझे बाहों में और आ जाओ मेरे पास कि देखेंगे हम साथ चन्दा को सिमटते तारों में....

एक बार फिर छू लो मुझको दो आँखों से, और थाम लो मेरा हाथ, कि कटती नहीं अब ज़िन्दगी, न गुज़रे तनहा दिन रात,

एक बार फिर आ जाओ, एक बार फिर.....

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