Wednesday, September 21, 2016

उम्मीद

दर्द तो दिल में था,
ये आँख मेरी भर आई क्यूँ,
मुद्दतें गुजरी अब तो,

न वो आया न उम्मीद गईं

2 comments:

  1. उम्मीद तो रहेगी उनके आने तक ... और आने पे उम्मीद ख़त्म जिंदगी शुरू ...

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