धीमी धीमी सी सांस,
हल्की हल्की आवाज़,
ज़रा सी बदन की आहट,
मद्धम सी रौशनी,
खुशबू तुम्हारी हवाओं में,
गुलाबी से शाम के आँचल से,
उगती हुई सी रात,
रात की ठंडक,
झीनी सी चादर,
सौंधी सी बारिश,
पत्तों की सरसराहट,
और तुम...और मैं..
...निरुपमा (3.8.19)
Very nice ..
ReplyDeleteBahut khoob
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