Friday, June 22, 2018

बस यूँही


मैं जानती हूँ वो हर बात जो दिल के दायरे में आती है,
दिमाग वालों से दूर तलक मेरा वास्ता नहीं..
.....निरुपमा   22.6.18

Thursday, June 21, 2018

अशआर


खामोशियों को अल्फाज़ों की जरुरत क्या है,
हमारे इश्क को रिवाज़ों की जरुरत क्या है!
तुम्हारे दिल में थोड़ी सी जगह मिल जाए,
फ़िर इस जहान के दौलत की कीमत क्या है!

.....निरुपमा   21.6.18